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POCSO केस में बड़ी प्रगति: ग्रेनाइट व्यवसायी वीरमणि के खिलाफ पीड़िता की पहचान
पुलिस ने POCSO अधिनियम के तहत दर्ज मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। जांच में यह संकेत मिले हैं कि इस व्यवसायी ने कई नाबालिगों का शोषण किया हो सकता है।
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ग्रेनाइट व्यवसायी वीरमणि के विरुद्ध दर्ज बाल शोषण मामले में जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने इस संवेदनशील प्रकरण में एक पीड़िता की सफलतापूर्वक पहचान कर ली है, जिससे जांच में नई गति आई है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच से संकेत मिल रहे हैं कि वीरमणि द्वारा किए गए अपराध केवल एक पीड़िता तक सीमित नहीं हैं। अनुसंधान दल को ऐसे प्रमाण मिले हैं जो दर्शाते हैं कि इस मामले में कई अन्य नाबालिग बालिकाएं भी शोषण का शिकार हुई हो सकती हैं।
यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के साथ बाल यौन अपराध से संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सर्वाइवर की पहचान के बाद उनके बयान से महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त हुई हैं जो आगे की जांच में सहायक साबित हो सकती हैं।
पुलिस विभाग इस मामले में अपनी जांच को तेजी से आगे बढ़ा रहा है और संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान के लिए प्रयास जारी रखे हुए है।