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गरीबों की खुशी ही विकास का सच्चा पैमाना: मुख्यमंत्री
विजयवाड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 60,000 गरीब लाभार्थियों को जमीन के मालिकाना हक दिए जा रहे हैं। इस संपत्ति का मूल्य करीब 52,000 करोड़ रुपये आंका गया है।
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विजयवाड़ा में आयोजित 'पेडल पट्टाभिषेकम' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का सच्चा विकास गरीब लोगों की खुशी से ही मापा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह भूमि वितरण कार्यक्रम वास्तव में वंचित वर्गों का 'राज्याभिषेक' है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, विशाखापत्तनम, मंगलगिरि और विजयवाड़ा जिलों में लगभग 60,000 गरीब परिवारों को भूमि स्वामित्व के अधिकार प्रदान किए जा रहे हैं। इस भूमि का कुल मूल्य लगभग 52,000 करोड़ रुपये आंका गया है।
इस अवसर पर उन्होंने लाभार्थियों से आग्रह किया कि वे इन संपत्तियों को संरक्षित रखें और आने वाली पीढ़ियों के लिए इन्हें सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज के सबसे कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
भूमि स्वामित्व के अधिकार प्रदान करने के माध्यम से सरकार का लक्ष्य गरीबी उन्मूलन और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम को सरकार के समावेशी विकास की नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।