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बिजली वितरण क्षेत्र के डिजिटलीकरण के लिए मंत्रालय ने की रूपरेखा जारी
विद्युत मंत्रालय ने वितरण कंपनियों के लिए पांच साल की डिजिटल परिवर्तन योजना शुरू की है। इस रणनीति का लक्ष्य स्मार्ट मीटर, भौगोलिक सूचना प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके नुकसान कम करना और विश्वसनीयता बढ़ाना है।
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केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने बिजली वितरण क्षेत्र के डिजिटलीकरण के लिए एक व्यापक रूपरेखा जारी की है। यह पांच वर्षीय रोडमैप देश भर की वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए निर्देशित करेगा।
प्रस्तावित ढांचे के तहत डिस्कॉम स्मार्ट मीटर, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणालियों का क्रमिक रूप से कार्यान्वयन करेंगे। इन तकनीकों के माध्यम से बिजली वितरण में होने वाले नुकसान को कम करने का प्रयास किया जाएगा, जो भारत के विद्युत क्षेत्र के लिए एक प्रमुख समस्या रही है।
यह डिजिटल परिवर्तन पहल वितरण नेटवर्क की विश्वसनीयता में सुधार लाने पर भी केंद्रित है। स्मार्ट प्रौद्योलोजी के उपयोग से बिजली की आपूर्ति में बेहतरी आएगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सकेगी।
इसके अतिरिक्त, यह रूपरेखा साइबर सुरक्षा को मजबूत करने पर भी बल देती है। बढ़ते डिजिटलीकरण के साथ वितरण प्रणालियों की साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है ताकि महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखा जा सके।