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तालिबान की शिक्षा नीति पर जाकिर नायक की बहस, मलाला के पिता ने की आलोचना
धार्मिक प्रवचनकार जाकिर नायक ने तालिबान की महिला शिक्षा नीति का बचाव किया है, जबकि नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई के पिता ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है। यूनिसेफ के अनुसार, सितंबर 2021 के बाद से अफगानिस्तान में 26 लाख लड़कियों को माध्यमिक शिक्षा से वंचित किया गया है।
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अफगानिस्तान में तालिबान सरकार की शिक्षा नीति को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस शुरू हुई है। धार्मिक प्रवचनकार जाकिर नायक ने तालिबान के रुख का बचाव करते हुए कुछ टिप्पणियां कीं, जिसके बाद शिक्षा और महिला अधिकारों के समर्थकों की ओर से तीव्र प्रतिक्रिया आई है।
नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित मलाला यूसुफजई के पिता ने नायक की टिप्पणियों को "गहन चिंता का विषय" करार दिया है। वह महिला शिक्षा के अधिकार के मुद्दे पर दशकों से काम कर रहे हैं और तालिबान की नीतियों से चिंतित हैं।
यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2021 से तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान में लगभग 26 लाख लड़कियों को माध्यमिक शिक्षा से बाहर रखा गया है। यह संख्या शिक्षा के क्षेत्र में महिला विरोधी नीतियों के गंभीर प्रभाव को दर्शाती है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठन इस विषय पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। महिला शिक्षा को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पूरी पीढ़ी के विकास में बाधा आएगी और दीर्घकालिक सामाजिक परिणाम होंगे।