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प्रिंसटन पीएचडी धारक को 2,300 आवेदन के बाद भी नौकरी नहीं
प्रिंसटन विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की डिग्री रखने वाले एक युवा पेशेवर को वर्ष 2024 में 2,300 से अधिक नौकरियों के लिए आवेदन करने के बाद भी स्थायी रोजगार नहीं मिल सका है। यह मामला अमेरिकी नौकरी बाजार में आने वाली चुनौतियों को उजागर करता है।
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30 वर्षीय जैक वाइस, जिन्होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की पढ़ाई पूरी की है, वर्ष 2024 की शुरुआत से अब तक हजारों से अधिक नौकरियों के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई स्थायी पद नहीं मिल सका है। उच्च शिक्षा और प्रतिष्ठित संस्थान की पृष्ठभूमि के बावजूद वाइस को भर्ती प्रक्रिया में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वाइस का अनुभव अमेरिकी श्रम बाजार में होने वाले व्यापक परिवर्तन को दर्शाता है। पिछले वर्षों में कई बड़ी कंपनियों ने प्रवेश स्तर की नौकरियों में कटौती की है और नई भर्तियों में काफी हद तक कमी आई है। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित भर्ती उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल ने योग्य आवेदकों के लिए भी प्रक्रिया को अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
एआई संचालित भर्ती प्रणालियों का यह दुष्प्रभाव केवल वाइस तक सीमित नहीं है। पूरे अमेरिका में कई शिक्षित और कुशल पेशेवर नौकरी खोजने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। रोजगार बाजार में यह संकट विशेष रूप से नई पीढ़ी के पेशेवरों के लिए चिंताजनक साबित हुआ है।
यह मामला वैश्विक श्रम बाजार में आने वाली गहरी संरचनात्मक चुनौतियों को दर्शाता है और सवाल उठाता है कि क्या पारंपरिक शिक्षा योग्यताएं आधुनिक नौकरी बाजार में पर्याप्त हैं।