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कैदियों के साथ मानवीय व्यवहार जरूरी: मिरवाइज का बयान
कश्मीर के धार्मिक नेता मिरवाइज ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि राजनीतिक मतभेद कभी भी कैदियों के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं कर सकते।
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कश्मीर के प्रमुख धार्मिक नेता मिरवाइज उमर फारूक ने बयान दिया है कि हिरासत में रहने वाले व्यक्तियों को सर्वदा गरिमा और मानवीयता के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए। इमरान खान की कानूनी स्थिति के संदर्भ में अपनी टिप्पणी करते हुए मिरवाइज ने कहा कि राजनीतिक विरोध किसी भी परिस्थिति में कैदियों के बुनियादी अधिकारों को नकारने का आधार नहीं बन सकता।
मिरवाइज के अनुसार, चाहे किसी की राजनीतिक विचारधारा कुछ भी हो, न्याय व्यवस्था को सभी के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में कानून का शासन और व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
इस बयान को पाकिस्तान में कैदियों के अधिकारों से संबंधित व्यापक चिंताओं के संदर्भ में देखा जा रहा है। मानवाधिकार संगठन लंबे समय से विभिन्न देशों में हिरासत की स्थितियों और कानूनी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग करते आए हैं।