Business · India Bureau
31 अगस्त की समय सीमा से पहले FCNR(B) जमा के लिए निजी बैंकों की तेजी
भारतीय रिजर्व बैंक की समय सीमा के करीब आने के साथ निजी बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी, ऑनलाइन गिनती करने वाले टाइमर और तेजी से जमा प्रतिबद्धता के जरिए FCNR(B) जमा को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
LSN India ·

निजी बैंकों ने अगस्त के आखिरी दिनों में विदेशी मुद्रा गैर-निवासी बांड (FCNR(B)) जमा संग्रहण की अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। RBI द्वारा निर्धारित 31 अगस्त की अंतिम तारीख के करीब आने के साथ बैंकों ने जमा आकर्षित करने के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई है।
ब्याज दरों में वृद्धि इस अभियान का मुख्य हथियार बन गई है। कई बैंकों ने अपनी वेबसाइटों पर गिनती करने वाले टाइमर लगाए हैं, जो ग्राहकों को जल्दी निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। साथ ही, बैंकें जमा प्रतिबद्धता को तेजी से संसाधित करने की सुविधा भी प्रदान कर रहे हैं।
इसके अलावा, कुछ बैंक विदेशी बांड बाजारों में भी सक्रिय हो गए हैं ताकि अतिरिक्त विदेशी मुद्रा प्राप्त की जा सके। ये कदम यह दर्शाते हैं कि बैंकों के लिए इस समय सीमा से पहले पर्याप्त जमा राशि जुटाना कितना महत्वपूर्ण है।
FCNR(B) जमा विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश साधन है। इस विशेष योजना में जमा की गई राशि पर विनिमय दर जोखिम का लाभ मिलता है। बैंकों की इस तरह की आक्रामक रणनीति दर्शाती है कि अंतिम समय में जमा लक्ष्य पूरा करना बैंकों के लिए कितना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।