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परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र का 7.5 लाख करोड़ रुपये निवेश संभव
भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अजित कुमार मोहंती ने कहा कि निजी क्षेत्र 2047 तक देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट तक पहुंचाने के लक्ष्य में 30 गीगावाट का योगदान दे सकता है। इसके लिए निजी उद्योगों को लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करना होगा।
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भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 2047 तक 100 गीगावाट तक विस्तारित करने की野उच्चाकांक्षी योजना में निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष और परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव अजित कुमार मोहंती के अनुसार, निजी खिलाड़ियों से लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 30 गीगावाट की क्षमता जोड़ने की अपेक्षा की जा रही है।
मोहंती ने बताया कि भारत के पास वर्तमान में केवल 9 गीगावाट की स्थापित परमाणु ऊर्जा क्षमता है। परमाणु ऊर्जा निगम (एनपीसीआईएल) सार्वजनिक क्षेत्र का एकमात्र संचालक है जो वर्तमान में 24 रिएक्टरों का संचालन कर रहा है। परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने नया कानून लागू किया है।
अजित कुमार मोहंती ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में निजी क्षेत्र के कुछ खिलाड़ियों द्वारा रिएक्टर संचालित किए जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि प्रति मेगावाट बिजली उत्पादन में लगभग 25 करोड़ रुपये का निवेश आवश्यक है। भारत की परमाणु ऊर्जा महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिए सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।