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मासिक चक्र सिर्फ हार्मोन नहीं: तनाव का असर जानें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक चलने वाला तनाव महिलाओं के मासिक चक्र को प्रभावित कर सकता है। कोर्टिसोल हार्मोन की बढ़ी हुई मात्रा इस समस्या का मुख्य कारण बताई जा रही है।
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महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े अध्ययनों में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि मासिक चक्र की अनियमितता केवल हार्मोनल असंतुलन से ही नहीं, बल्कि मानसिक तनाव से भी जुड़ी होती है। पोषण और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तनाव से निपटने के लिए शरीर कोर्टिसोल हार्मोन का स्राव करता है, जो छोटी अवधि में शरीर के लिए फायदेमंद होता है।
हालांकि, जब तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो कोर्टिसोल का स्तर ऊंचा बना रहता है। इस स्थिति में महिलाओं को मासिक चक्र में बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह हार्मोन प्रजनन से जुड़े अन्य हार्मोनों के संतुलन को प्रभावित करता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि महिलाओं को अपने तनाव के स्तर पर ध्यान देना चाहिए और नियमित व्यायाम, ध्यान और पर्याप्त नींद के माध्यम से इसे नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए। यदि मासिक चक्र में लगातार समस्याएं बनी रहती हैं, तो चिकित्सा परामर्श लेना महत्वपूर्ण है।