World · India Bureau
क्रेमलिन के दबाव में रूस का प्रतिष्ठित समाचार पत्र बंद
सोवियत संघ के विघटन के बाद 1993 में स्थापित नोवाया गजेता रूस के सबसे सम्मानित समाचार संगठनों में से एक था जो मानवाधिकार उल्लंघन की रिपोर्टिंग करता रहा है। अब यह समाचार पत्र क्रेमलिन के बढ़ते दबाव के बीच अपने संचालन को बंद कर रहा है।
LSN India ·
रूस का एक प्रमुख स्वतंत्र समाचार पत्र नोवाया गजेता ने अपने तीन दशक लंबे कार्यकाल के बाद प्रकाशन बंद करने का निर्णय लिया है। यह कदम राष्ट्रीय प्रेस पर बढ़ते सरकारी नियंत्रण और प्रतिबंधों को दर्शाता है।
1993 में स्थापित इस समाचार संगठन ने लंबे समय तक रूस में सबसे विश्वसनीय और निभीक समाचार स्रोतों में से एक माना जाता रहा है। नोवाया गजेता की पत्रकारिता टीम ने लगातार सरकारी नीतियों की आलोचनात्मक जांच-पड़ताल की और मानवाधिकार के मुद्दों पर महत्वपूर्ण रिपोर्टिंग की है।
हाल के वर्षों में इस संगठन को अपनी स्वतंत्र संपादकीय नीति के कारण विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक दबावों का सामना करना पड़ा है। क्रेमलिन की ओर से बढ़ता दबाव और नई पाबंदियां इस समाचार पत्र के संचालन को अस्थिर कर गई हैं।
नोवाया गजेता का बंद होना रूस में प्रेस की स्वतंत्रता के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। इस निर्णय से रूसी मीडिया परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण आवाज खामोश हो गई है जो दशकों से सत्ता की जवाबदेही सुनिश्चित करने में भूमिका निभा रही थी।