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संपत्ति खरीदते समय केवल म्यूटेशन पर न करें विश्वास
संपत्ति खरीद से पहले स्वामित्व की पूरी श्रृंखला की जांच करना अनिवार्य है। म्यूटेशन, कर रिकॉर्ड और कब्जे से अकेले स्वामित्व साबित नहीं होता।
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संपत्ति क्रेता को खरीद से पहले कानूनी स्वामित्व की विस्तृत पड़ताल करनी चाहिए। महज म्यूटेशन रिकॉर्ड को आधार मानकर संपत्ति खरीदना जोखिम भरा साबित हो सकता है, क्योंकि यह केवल नाम परिवर्तन दर्ज करता है न कि वास्तविक स्वामित्व का प्रमाण।
संपत्ति खरीद के समय क्रेता को स्वामित्व की पूरी श्रृंखला सत्यापित करनी चाहिए और यह देखना चाहिए कि प्रत्येक पूर्व मालिक के पास संपत्ति बेचने का कानूनी अधिकार था। इसके अलावा संपत्ति पर किसी प्रकार के बंधन, कर्ज या कानूनी विवाद की जांच भी आवश्यक है। टैक्स रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेज भी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन ये अकेले सफलता का आश्वासन नहीं देते।
क्रेताओं को सलाह दी जाती है कि संपत्ति के पिछले 15-20 वर्षों का स्वामित्व रिकॉर्ड मंगवाएं और प्रत्येक लेनदेन की वैधता की पुष्टि करें। भूमि से संबंधित सभी कानूनी दावों और विवादों की जानकारी स्थानीय प्राधिकारों से प्राप्त करना भी जरूरी है। पेशेवर कानूनी सलाह लेना भी संपत्ति खरीद के समय सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक बेहतर तरीका है।