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पुलित्जर पुरस्कार विजेता कवि ने बंजर भूमि को 3000 पेड़ों के जंगल में बदला
प्रसिद्ध अमेरिकी कवि डब्ल्यू.एस. मर्विन ने 1970 के दशक में हवाई के माउई द्वीप पर एक बंजर भूमि को 19 एकड़ का हरा-भरा ताड़ वन में परिवर्तित किया। आज यह इको-हेरिटेज परियोजना पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरक उदाहरण बनी हुई है।
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पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित कवि डब्ल्यू.एस. मर्विन ने 1970 के दशक में हवाई के माउई द्वीप पर एक अनोखी पारिस्थितिक परियोजना का निर्माण किया। शांति और एकांत की तलाश में द्वीप पहुंचे मर्विन ने एक बंजर और उजाड़ भूमि के टुकड़े पर अपनी नजर डाली।
इस निर्जन स्थान को समृद्ध वनस्पति से भरने का निर्णय लेते हुए, मर्विन ने दशकों की मेहनत से 19 एकड़ की भूमि को एक हरे-भरे ताड़ वन में रूपांतरित किया। इस परियोजना में तीन हजार से अधिक विभिन्न प्रजातियों के ताड़ के पेड़ों को लगाया गया, जिससे यह स्थान एक समृद्ध जैव विविधता केंद्र बन गया।
मर्विन की इस पर्यावरणीय विरासत को संरक्षित रखने के लिए मर्विन कंजर्वेंसी की स्थापना की गई है। यह संस्था वन को सुरक्षित रखने और इसकी प्राकृतिक संपदा को बनाए रखने का कार्य कर रही है।
एक कवि द्वारा निर्मित यह वन आज केवल एक सुंदर पारिस्थितिक केंद्र नहीं है, बल्कि यह प्रदर्शित करता है कि व्यक्तिगत प्रयास से कैसे बंजर भूमि को प्रकृति का स्वर्ग बनाया जा सकता है।