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पुणे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की बर्खास्तगी रद्द, सोशल मीडिया पोस्ट के बाद वापसी
पुणे के अंबेगांव तालुका में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेश्मा उर्फ देवयानी पारधी को खाद्य गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर आवाज उठाने के बाद बर्खास्तगी से मुक्ति मिली। जनता के विरोध के बाद प्रशासन ने इस निर्णय को पलट दिया है।
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पुणे के अंबेगांव तालुका स्थित नंबरवाड़ी आंगनवाड़ी में कार्यरत आदिवासी कार्यकर्ता रेश्मा उर्फ देवयानी पारधी की बर्खास्तगी को प्रशासन ने रद्द कर दिया है। यह कदम आंगनवाड़ी से जारी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर जनता के व्यापक विरोध के बाद उठाया गया है।
पारधी ने सोशल मीडिया पर वीडियो रील्स के माध्यम से सफेद सूखी मटर की गुणवत्ता के बारे में चिंता जाहिर की थी। उन्होंने दावा किया था कि प्रसव की गई मटर प्रेशर कुकर में दस सीटियों तक पकाने के बाद भी नरम नहीं हो रही थी, जिससे यह उपयोग के लिए अनुपयुक्त प्रमाणित हो रही थी।
इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिससे स्थानीय प्रशासन के रवैये में बदलाव आया। आंगनवाड़ी केंद्र से वितरित होने वाली खाद्य सामग्री के मानकों पर सवाल उठाने के कारण पारधी को शुरुआत में कार्य से मुक्त कर दिया गया था।
पारधी की बर्खास्तगी के निर्णय को रद्द करना जनहित और खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति सरकारी संवेदनशीलता का संकेत माना जा रहा है। यह मामला सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।