Politics · India Bureau
पुणे में आदिवासी छात्रों का प्रदर्शन 13वें दिन में, मंत्री से बातचीत नाकाम
पुणे के आदिवासी छात्र अपनी प्रमुख मांग को लेकर 13 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। जनजाति विभाग द्वारा जारी सरकारी संकल्प पर रोक के बाद भी छात्रों का आंदोलन जारी है।
LSN India ·

पुणे में आदिवासी छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेरहवें दिन में प्रवेश कर गया है, जबकि जनजाति मंत्री के साथ बातचीत से कोई प्रभावी समाधान नहीं निकल सका है। छात्रों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों को लेकर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
जनजाति विभाग के सचिव विजय वाघमारे के अनुसार, मंत्रालय ने छात्रों की मुख्य मांग के संबंध में एक रोक आदेश जारी किया है। यह आदेश 14 अगस्त 2026 को जारी किए गए सरकारी संकल्प से संबंधित है। हालांकि, विभाग की यह कार्रवाई अब तक छात्रों को संतुष्ट नहीं कर सकी है।
छात्रों के प्रदर्शन का विस्तार लगातार बढ़ रहा है और वे अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। जनजाति विभाग से मिली सूचना के अनुसार रोक आदेश जारी किया गया है, किंतु छात्र दल का मानना है कि इससे उनकी मूल समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
विभाग और छात्रों के बीच चल रहे मतभेदों को लेकर सरकार की ओर से और बातचीत के लिए कोई तारीख घोषित नहीं की गई है। आंदोलन जारी रहने के साथ ही दोनों पक्षों के बीच समझदारी बढ़ाने के लिए नई पहल की गुंजाइश बनी हुई है।