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युद्धकाल में रूस का संसदीय चुनाव, कब्जाधीन यूक्रेनी क्षेत्रों में भी मतदान
रूस ने युद्ध के दौरान पहली बार संसदीय चुनाव आयोजित किए हैं। पुतिन सरकार ने यूक्रेन के उन क्षेत्रों में भी मतदान कराया है जिन्हें 2022 में रूस ने अपने कब्जे में लेकर अपना हिस्सा घोषित किया था।
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मॉस्को में आयोजित इस चुनाव प्रक्रिया में यूक्रेन के पांच प्रमुख शहरों के निवासियों को भी वोट डालने की अनुमति दी गई है, जिन्हें रूस पिछले दो वर्षों में अपने नियंत्रण में रखता है। यह विवादास्पद कदम अंतरराष्ट्रिक समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में स्वतंत्र चुनाव कराना मुश्किल माना जाता है।
प्रारंभिक परिणामों में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यूनाइटेड रशिया पार्टी को पर्याप्त समर्थन मिलता दिख रहा है। इस पार्टी को परंपरागत रूप से क्रेमलिन का समर्थन प्राप्त है।
रूस के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष के बीच चुनाव कराने का निर्णय देश की राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है। कब्जाधीन यूक्रेनी क्षेत्रों में मतदान की प्रक्रिया मास्को की कानूनी कार्यवाही को आगे बढ़ाने का प्रयास माना जा रहा है।
यूक्रेन की सरकार इन चुनावों को अवैध मानती है और इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताती है। किएव का कहना है कि कब्जाधीन क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां कानूनी नहीं हैं।