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बेंगलुरु में एआई ट्रैफिक निगरानी कितनी सटीक है?
बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस की स्वचालित निगरानी प्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञ इस तकनीक की सटीकता, चालान जारी करने की प्रक्रिया और गलत मामलों को चुनौती देने के तरीकों की जांच कर रहे हैं।
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बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस द्वारा संचालित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम स्मार्ट शहर की पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह प्रणाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन पकड़ने का काम करती है। हालांकि, इसकी सटीकता को लेकर नागरिकों और विधि विशेषज्ञों के बीच गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं।
यह प्रणाली कैमरों और सेंसरों के माध्यम से ट्रैफिक का निरीक्षण करती है और स्वचालित रूप से उल्लंघन का पता लगाती है। जब कोई गाड़ी रेड लाइट तोड़ती है, गलत तरीके से पार्क करी जाती है या अन्य नियम भंग करे, तो सिस्टम सूचना दर्ज करता है। इसके बाद चालान स्वचालित रूप से पंजीकृत मालिक के नाम से जारी किए जाते हैं।
हालांकि, इस तकनीकी प्रणाली में कई खामियां देखी गई हैं। कुछ मामलों में गाड़ियों की गलत पहचान, मौसम की स्थिति में त्रुटियां और सेंसर की खराबी से गलत चालान जारी हो रहे हैं। इससे निर्दोष लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने गलत मामलों को चुनौती देने की एक प्रक्रिया स्थापित की है। नागरिक सबूत प्रस्तुत करके अपील दायर कर सकते हैं, लेकिन यह प्रक्रिया अक्सर जटिल और समय साध्य साबित होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई आधारित निगरानी प्रणाली को मानवीय समीक्षा और पारदर्शिता के साथ संचालित करने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।