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रैकून्स पहेली हल करते रहे, भोजन खत्म होने के बाद भी
ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि रैकून्स में समस्या समाधान की असाधारण क्षमता होती है। ये जानवर भोजन पुरस्कार मिलने के बाद भी पहेलियां हल करते रहते हैं।
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ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में रैकून्स की समस्या समाधान क्षमता का विश्लेषण किया। इस शोध के लिए शोधकर्ताओं ने एक कस्टम पहेली बॉक्स तैयार किया जिसमें कठिनाई के विभिन्न स्तर थे और प्रवेश के कई बिंदु थे।
अध्ययन में कैद में रखे गए रैकून्स को यह पहेली बॉक्स दिया गया। इस बॉक्स में विभिन्न प्रकार की पहेलियां थीं जिन्हें हल करने से भोजन का पुरस्कार मिलता था। शोधकर्ताओं ने पाया कि रैकून्स न केवल पहेलियां हल करने में कुशल थे, बल्कि भोजन पुरस्कार खत्म हो जाने के बाद भी वे इन पहेलियों को हल करते रहे।
यह खोज रैकून्स की खोजबीन करने वाली प्रवृत्ति को दर्शाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह व्यवहार उनकी अनुकूलन क्षमता को प्रदर्शित करता है, जो शहरी वातावरण में उनके अस्तित्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
शहरों में रहने वाले रैकून्स को अक्सर जटिल समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे कि कचरे के डिब्बे खोलना या भोजन के स्रोत ढूंढना। यह अध्ययन इस बात को समझने में मदद करता है कि रैकून्स किस तरह मानव-प्रभावित वातावरण में सफलतापूर्वक अनुकूल हो गए हैं।