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राधा अष्टमी 2026: तारीख, मुहूर्त और पूजन की संपूर्ण जानकारी

राधा अष्टमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है जो भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी के 15 दिन बाद आने वाले इस पवित्र पर्व को राधिका अष्टमी भी कहा जाता है।

LSN India · 18 September 2026

राधा अष्टमी 2026: तारीख, मुहूर्त और पूजन की संपूर्ण जानकारी

राधा अष्टमी भारतीय हिंदू परंपरा में भगवान कृष्ण की प्रिय राधा के जन्म का प्रतीक माना जाता है। प्रतिवर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला यह त्योहार कृष्ण जन्माष्टमी के ठीक पंद्रह दिन बाद आता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन राधा का जन्म हुआ था, जिन्हें भक्ति परंपरा में कृष्ण की शक्ति और प्रेम का प्रतीक माना जाता है।

इस पवित्र दिन पर भक्त राधा देवी की पूजा-अर्चना करते हैं। राधा अष्टमी मनाने के लिए भक्त सुबह जल्दी उठते हैं, स्नान कर पूजा स्थल को सजाते हैं और फूल, धूप तथा दीप से देवी को समर्पित करते हैं। भक्तगण इस दिन व्रत भी रखते हैं और राधा कृष्ण की लीला गाथाओं का श्रवण करते हैं।

पूजा की सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानने के लिए स्थानीय पंचांग का अवलोकन आवश्यक है। विभिन्न क्षेत्रों में इसे मनाने की परंपरा में भिन्नता हो सकती है, किंतु मूल उद्देश्य राधा की दिव्यता को समर्पित भाव से नमन करना ही है। भारत के विभिन्न हिस्सों में, विशेषकर उत्तर भारत के कृष्ण भक्ति केंद्रों में इस पर्व को विशेष धूमधाम से मनाया जाता है।