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राधा अष्टमी पर इन नियमों का पालन करें, शुभ माने जाते हैं ये कार्य
19 सितंबर 2026 को मनाई जाने वाली राधा अष्टमी पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार व्रत और पूजा के दौरान कई नियमों का पालन करना अनिवार्य माना जाता है। तामसिक भोजन, क्रोध और अपशब्दों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
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राधा अष्टमी, भगवान कृष्ण की परम प्रिय राधा के जन्म की खुशी में मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है। इस वर्ष यह पर्व 19 सितंबर को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विशेष नियमों का पालन करने से देवी राधा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
राधा अष्टमी के दिन व्रत और पूजा करने वालों को तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन, मांस और अंडों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, इस दिन क्रोध, ईर्ष्या और अपशब्दों का प्रयोग करना अशुभ माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि पवित्र मन और शुद्ध विचारों के साथ की गई पूजा अधिक फलदायक होती है।
इस पर्व को मनाने के लिए भक्तों को शांति और सकारात्मकता का माहौल बनाए रखना चाहिए। व्रत के दौरान फल, दूध और घी जैसी सात्विक वस्तुओं का ही सेवन किया जाता है। मंदिरों में इस दिन विशेष कार्यक्रम और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, राधा अष्टमी पर किए गए व्रत और पूजन से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति मिलती है। इस दिन दान-पुण्य करना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर इस पर्व को मनाने से घर में सुख-समृद्धि और भाईचारे की भावना बढ़ती है।