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राधा अष्टमी: पुराणों में राधा रानी के जीवन का विवरण

राधा अष्टमी 2026 के अवसर पर जानिए भगवान कृष्ण की परम प्रिय राधा रानी के बारे में पौराणिक साक्ष्य क्या कहते हैं। कृष्ण और राधा का प्रेम संबंध हिंदू धर्म में अलौकिक माना जाता है।

LSN India · 18 September 2026

राधा अष्टमी: पुराणों में राधा रानी के जीवन का विवरण

भगवान कृष्ण और राधा रानी का प्रेम संबंध हिंदू परंपरा में सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। वृंदावन में भगवान कृष्ण के निवास के दौरान राधा उनकी प्रमुख सखी थीं। कहा जाता है कि जब कृष्ण अपनी बांसुरी बजाते थे, तो गोपियां और राधा उनकी मधुर संगीत की ध्वनि सुनकर दौड़ी चली आती थीं।

वृंदावन में कृष्ण के साथ राधा के रासलीला प्रसंग हिंदू धर्मग्रंथों में विस्तार से वर्णित हैं। परंपरागत विवरणों के अनुसार, जब भगवान कृष्ण वृंदावन को छोड़कर मथुरा चले गए, तो राधा सहित सभी गोपियां गहरे विषाद में चली गईं। कृष्ण के प्रस्थान के बाद राधा और गोपियों का दर्द उनके हृदय में स्थायी हो गया।

पौराणिक साहित्य में राधा के जीवन के अंत के संबंध में विभिन्न विवरण मिलते हैं। भक्ति परंपरा में राधा को कृष्ण की आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है। राधा अष्टमी का पर्व भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है, जिसे राधा का जन्मदिन माना जाता है।