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राधाष्टमी 2026: जानिए सही तारीख और पूजन का शुभ मुहूर्त
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है राधाष्टमी। यह पर्व कृष्ण जन्माष्टमी के पंद्रह दिन बाद आता है और राधारानी के जन्म का प्रतीक माना जाता है।
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राधाष्टमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो राधारानी को समर्पित है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, जिस तिथि को कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था, उसी तिथि के शुक्ल पक्ष में राधारानी का जन्म माना जाता है।
प्रत्येक वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधाष्टमी मनाई जाती है। यह पर्व कृष्ण जन्माष्टमी के ठीक पंद्रह दिन पश्चात आता है, जिससे इसे धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है।
राधारानी को कृष्ण की परम भक्त और प्रेमिका माना जाता है। इस दिन भक्त देवी राधा की पूजा करते हैं और उनके प्रति अपनी भक्ति व्यक्त करते हैं। राधा मंदिरों में विशेष भोग का आयोजन किया जाता है और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है।
राधाष्टमी का त्योहार विशेषकर मथुरा और वृंदावन जैसे कृष्ण से जुड़े पवित्र स्थलों पर बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु माला जप करते हैं और देवी का आशीर्वाद पाने के लिए व्रत रखते हैं।