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राजामुंदरी में कला और मूर्तिकला की समृद्ध परंपरा को जीवंत करने का प्रयास
प्रख्यात कलाकार और मूर्तिकार हरि थडोजु ने राजामुंदरी में कला और सांस्कृतिक उत्कृष्टता के लिए स्ट्रोकर्व अकादमी की स्थापना की है। यह कदम 1923 में दामेरला द्वारा खोली गई समान संस्था के एक सदी बाद उठाया गया है।
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आंध्र प्रदेश के राजामुंदरी शहर में कला और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रतिष्ठित कलाकार और मूर्तिकार हरि थडोजु ने स्ट्रोकर्व नामक एक नई अकादमी की स्थापना की है, जो कला और सांस्कृतिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।
यह संस्थान राजामुंदरी की कलात्मक विरासत को पुनः जीवंत करने का प्रयास है। एक सदी पहले 1923 में दामेरला द्वारा स्थापित अकादमी के बाद यह एक महत्वपूर्ण विकास है। थडोजु की यह पहल इस ऐतिहासिक शहर की कलात्मक परंपरा को आधुनिक समय में आगे बढ़ाने का संकेत देती है।
स्ट्रोकर्व अकादमी कला, मूर्तिकला और अन्य सांस्कृतिक विषयों के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए स्थापित की गई है। यह संस्थान न केवल परंपरागत कला रूपों को संरक्षित करने का कार्य करेगा, बल्कि नई पीढ़ी को इन कलाओं से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
राजामुंदरी की सांस्कृतिक समृद्धि और कलात्मक परंपरा के प्रति थडोजु की प्रतिबद्धता इस अकादमी की स्थापना में परिलक्षित होती है। यह पहल स्थानीय कला समुदाय के विकास और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की संभावना रखती है।