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लापता बच्चों की तलाश में GRP ने अपनाई कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक
राजस्थान के अजमेर में रेलवे पुलिस ने सालों पहले लापता हुए दो बच्चों को खोजने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया है। AI तकनीक से बचपन की तस्वीरों के आधार पर उनके वर्तमान समय के संभावित चेहरे तैयार किए गए हैं।
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अजमेर में GRP (रेलवे पुलिस बल) ने तकनीकी उद्यम का सहारा लेते हुए दशकों से लापता दो नाबालिगों की खोज में तेजी लाई है। मोहम्मद इमरान और उस्मान को अलग-अलग समय पर खोना पड़ा था, लेकिन दोनों मामले ही अब भी अधूरे हैं।
इमरान वर्ष 2010 में मात्र आठ साल की आयु में अजमेर रेलवे स्टेशन से गायब हो गया था। चार साल बाद 2014 में उस्मान अपनी मां से अलग हो गया। पुलिस विभाग के पास दोनों बच्चों की बचपन की तस्वीरें मौजूद थीं, जिन्हें अब AI प्रौद्योगिकी के माध्यम से विश्लेषित किया गया है।
GRP द्वारा प्रयुक्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली बचपन की फोटोग्राफी के आधार पर दोनों बच्चों की वर्तमान आयु में संभावित चेहरे का निर्माण कर सकी है। यह तकनीकी कदम खोज अभियान को नई दिशा देने की उम्मीद जगाता है और समान मामलों में भविष्य के प्रयासों का पथ प्रदर्शक बन सकता है।
रेलवे पुलिस अब इन AI-निर्मित चित्रों का उपयोग करके जनता से लापता बच्चों के बारे में सूचना मांग रही है। विभाग की ओर से कहा गया है कि यदि किसी को इन बच्चों से संबंधित कोई सुराग मिले तो वह तुरंत अधिकारियों को अवगत कराएं।