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राखा बांधने का शुभ समय: 2026 में भद्रा काल से बचें
राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त का चयन करना हिंदू परंपरा में महत्वपूर्ण माना जाता है। भद्रा काल को अशुभ माना जाता है इसलिए इस अवधि में राखी बांधना टालना चाहिए।
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हिंदू धर्म में राखा बंधन का पर्व भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक है। इस शुभ अवसर पर राखी बांधने का सही समय और मुहूर्त का निर्धारण पारंपरिक ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर किया जाता है। 2026 में राखा बंधन को लेकर भद्रा काल के बारे में जानकारी देना आवश्यक हो गया है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, भद्रा को एक अशुभ काल माना जाता है जिस दौरान किसी भी शुभ कार्य को करने से बचा जाता है। राखी बांधने जैसे पवित्र अनुष्ठान के लिए भद्रा काल का होना अनुकूल नहीं माना जाता। इसलिए हिंदू परंपरा में इस अवधि में राखी बांधने की सलाह नहीं दी जाती है।
राखा बंधन के अवसर पर पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन को भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने के लिए शुभ माना जाता है। राखी बांधने के लिए सबसे अच्छा समय वह होता है जब भद्रा काल समाप्त हो जाए और पूर्णिमा की शुभ अवस्था हो।
2026 के राखा बंधन समारोह की तैयारी करने वाले परिवारों को ज्योतिषीय सलाहकारों से सही मुहूर्त की जानकारी लेनी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होता है कि पवित्र परंपरा का पालन करते हुए राखी का त्योहार मनाया जाए। विभिन्न क्षेत्रों में राखी बांधने का समय भिन्न हो सकता है, इसलिए स्थानीय धार्मिक गणना का पालन करना महत्वपूर्ण है।