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ब्रिस्बेन में मिला दुर्लभ सांप, 34 साल में कोई नहीं खोज सका
1992 में इकोलॉजिस्ट एड्रियन बोर्सबूम ने एक अद्वितीय अंधे सांप की खोज की थी। तीन दशकों बाद भी इस रहस्यमय सरीसृप का कोई निशान नहीं मिल सका।
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ब्रिस्बेन के पास 1992 में एक असाधारण प्रजाति के अंधे सांप की खोज की गई थी, जिसे फैसिफर्न ब्लाइंड स्नेक नाम दिया गया। इकोलॉजिस्ट एड्रियन बोर्सबूम की यह खोज वैज्ञानिक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई, लेकिन तब से इस जीव की कोई और सूचना नहीं मिली है।
इस प्रजाति के संरक्षण के लिए वैज्ञानिकों ने विस्तृत खोजबीन की है, लेकिन तीन दशकों के प्रयासों के बावजूद इस सांप का कोई अन्य नमूना खोजा नहीं जा सका है। यह स्थिति संरक्षण विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है क्योंकि इसका अर्थ है कि प्रजाति की जनसंख्या अत्यंत सीमित हो सकती है।
वर्तमान में फैसिफर्न ब्लाइंड स्नेक को गंभीर रूप से संकटग्रस्त माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रजाति अगले कुछ वर्षों में विलुप्त हो सकती है। इसकी संरक्षण की चुनौती इस बात से और जटिल हो गई है कि इसका आवास क्षेत्र और जीवन चक्र अभी भी पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है।
इस मामले ने उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में जैव विविधता के संरक्षण की महत्ता को रेखांकित किया है। जलवायु परिवर्तन और आवास विनाश जैसे कारक दुर्लभ प्रजातियों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं।