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नवरात्र में दुर्लभ संयोग: दो बार गजकेसरी, तीन बार सर्वार्थसिद्धि योग
इस वर्ष के शारदीय नवरात्र में एक असाधारण खगोलीय संयोग बनने जा रहा है। 11 से 19 अक्टूबर तक चलने वाले नवरात्र के दौरान दो बार गजकेसरी योग और तीन बार सर्वार्थसिद्धि योग का निर्माण होगा।
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इस बार के शारदीय नवरात्र में ग्रहीय गणना के अनुसार एक दुर्लभ संयोग बनने वाला है जो धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। 11 अक्टूबर से शुरू होकर 19 अक्टूबर तक चलने वाले नवरात्र के इस अवधि में दो बार गजकेसरी योग का निर्माण होगा। इसके अलावा इसी अवधि में तीन बार सर्वार्थसिद्धि योग भी बनेगा।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार ये दोनों योग शुभ माने जाते हैं और विभिन्न कार्यों की सफलता के लिए अनुकूल माने जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह संयोग कई वर्षों के अंतराल के बाद बन रहा है। नवरात्र की इस अवधि में इन योगों का विशेष महत्व रहता है क्योंकि यह समय आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार कुछ विशेष राशियों के जातकों के लिए यह नवरात्र अवधि विशेष रूप से लाभकारी साबित होने वाली है। ऐसा माना जाता है कि इन योगों का सकारात्मक प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों पर पड़ेगा। धार्मिक परंपरा के अनुसार इस अवधि में की गई पूजा-पाठ और व्रत का विशेष महत्व रहता है।