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चूहों को हटाने से पामिरा एटोल में देशी पेड़ों की पौध में वृद्धि

प्रशांत महासागर के पामिरा एटोल पर कृन्तकों को नियंत्रित करने के प्रयासों से वनस्पति पुनरुद्धार में सफलता मिल रही है। इस परियोजना ने दिखाया है कि आक्रामक प्रजातियों को हटाना पारिस्थितिकी तंत्र को कैसे बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

LSN India · 2 September 2026

चूहों को हटाने से पामिरा एटोल में देशी पेड़ों की पौध में वृद्धि

पामिरा एटोल पर चलाई जा रही एक पर्यावरण परियोजना में चूहों की आबादी को नियंत्रित करने के बाद स्थानीय पेड़ों की पौध में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यह सफलता दशकों के संरक्षण प्रयासों का परिणाम है जिसका लक्ष्य इस प्रशांत महासागरीय द्वीप समूह के प्राकृतिक संतुलन को पुनः स्थापित करना है।

चूहों जैसी आक्रामक प्रजातियां द्वीप समूहों के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं क्योंकि वे बीजों को खाती हैं और युवा पौधों को नष्ट करती हैं। पामिरा एटोल पर किए गए हस्तक्षेप से पता चला है कि जब इन कृन्तकों की संख्या घटती है, तो देशी वनस्पति स्वाभाविक रूप से पुनः उगने लगती है और प्रजनन बढ़ता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रकृति के आत्मनिर्भर होने की क्षमता का प्रमाण है। जब बाहरी दबाव दूर हो जाता है, तो पारिस्थितिकी तंत्र अपने आप को ठीक करने में सक्षम हो जाता है। इस अनुभव से अन्य द्वीपीय क्षेत्रों और संरक्षण परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण सीख मिली है।

पामिरा एटोल के इस सफल प्रयोग को समुद्री जैव विविधता को बनाए रखने के लिए एक मॉडल माना जा रहा है। शोधकर्ता इसी तरह की रणनीति को अन्य संवेदनशील द्वीप समूहों में लागू करने पर विचार कर रहे हैं।