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हेंडरसन द्वीप: जहरीले दाने के 75 टन के बाद भी चूहों ने दोबारा जमाई आबादी
दक्षिण प्रशांत महासागर के हेंडरसन द्वीप पर 2011 में बड़े पैमाने पर चूहे मारने का अभियान चलाया गया था। 75 टन जहरीले दाने बिखेरने के बावजूद कुछ चूहे बच गए और दो साल में उनकी आबादी पहले जितनी हो गई।
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संरक्षणवादियों द्वारा दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित हेंडरसन द्वीप पर किए गए एक बड़े पैमाने के चूहा उन्मूलन अभियान में आश्चर्यजनक विफलता का सामना करना पड़ा है। 2011 में इस दूरस्थ द्वीप के हर कोने में लगभग 75 टन जहरीले दाने फैलाए गए थे, जो चूहों की पूरी आबादी को खत्म करने के लिए एक व्यापक और गहन प्रयास था।
हालांकि, इस व्यापक विषाक्ता अभियान के बावजूद, कुछ चूहे बचने में कामयाब रहे। ये जीवित बचे हुए जानवर आबादी के पुनरुत्पादन का आधार बन गए। विशेषज्ञों के लिए यह एक महत्वपूर्ण खोज साबित हुई जब मात्र दो वर्षों के भीतर ही द्वीप पर चूहों की आबादी फिर से अपने पहले जैसे स्तर तक पहुंच गई।
यह घटना विदेशी आक्रामक प्रजातियों की असाधारण जीवन शक्ति और पूर्ण उन्मूलन प्राप्त करने की कठिनाई को रेखांकित करती है। चूहों की प्रजनन क्षमता और अनुकूलन क्षमता ने बड़े पैमाने पर किए गए नियंत्रण प्रयासों को सीमित कर दिया।
यह मामला संरक्षणकर्ताओं को चेतावनी देता है कि आक्रामक प्रजातियों पर नियंत्रण के लिए केवल एकबारी उपाय पर्याप्त नहीं हैं। दीर्घकालिक सफलता के लिए निरंतर निगरानी और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता होती है।