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बोस्निया के कसाई रत्को म्लादिक की जेल में मृत्यु, उम्र 84 साल
युद्ध अपराधी रत्को म्लादिक का निधन हुआ है जबकि वह आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। म्लादिक ने बोस्निया के जातीय संघर्ष में सर्ब सेनाओं का नेतृत्व किया था, जिसमें एक लाख से अधिक लोग मारे गए थे।
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बोस्निया के गृहयुद्ध में सर्ब सेनाओं के कमांडर रत्को म्लादिक का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वह नीदरलैंड में हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय युद्ध अपराध न्यायालय में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।
1990 के दशक में बोस्निया और हर्जेगोविना में हुए जातीय संघर्ष में म्लादिक की भूमिका महत्वपूर्ण रही। इस संघर्ष में मुसलमान, सर्ब और क्रोएट समूहों के बीच भीषण लड़ाइयां हुई थीं। इस संघर्ष के दौरान एक लाख से अधिक लोगों की जान गई और 20 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए।
m्लादिक को युद्ध अपराध, मानवता के विरुद्ध अपराध और नरसंहार के लिए दोषी ठहराया गया था। 2017 में उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। बाद में अपील के बाद भी उनकी सजा बरकरार रही।
बोस्निया के युद्ध के दौरान की घटनाएं यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे भीषण संकट मानी जाती हैं। इस संघर्ष ने सर्ब, क्रोएट और बोस्नियाई मुसलमान समुदायों को गहरे रूप से प्रभावित किया था।