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आरबीआई गवर्नर: आर्थिक लाभ, लाभ से ज्यादा महत्वपूर्ण
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि केंद्रीय बैंक के लिए मुनाफा या अधिशेष केवल गौण है। उन्होंने स्वैप लागत को लेकर उठे सवालों के बीच आर्थिक लाभों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
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भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ किया है कि केंद्रीय बैंक का प्राथमिक उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि समग्र आर्थिक हितों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि आरबीआई के संचालन में मुनाफा या अधिशेष केवल एक आकस्मिक परिणाम है, न कि मूल उद्देश्य।
गवर्नर के बयान से स्पष्ट होता है कि आरबीआई की नीतियां और निर्णय राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के व्यापक कल्याण के इर्द-गिर्द घूमते हैं। चाहे वह मौद्रिक नीति हो, विदेशी मुद्रा प्रबंधन हो या अन्य वित्तीय उपकरण, सभी का उद्देश्य देश की आर्थिक स्थिरता और विकास सुनिश्चित करना है।
मल्होत्रा का यह बयान विदेशी मुद्रा स्वैप संचालन की लागतों को लेकर चल रही बहस के संदर्भ में आया है। आलोचकों की ओर से सवाल उठाए जा रहे थे कि क्या ये लागतें केंद्रीय बैंक की आय पर असर डाल रही हैं। गवर्नर के बयान से साफ है कि आरबीआई ऐसे किसी भी अल्पकालिक वित्तीय प्रभाव की परवाह किए बिना अर्थव्यवस्था के हित में कदम उठाने के लिए तैयार है।
भारतीय रिजर्व बैंक की भूमिका केवल एक बैंकर या मुनाफा कमाने वाली संस्था नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय आर्थिक नीति के क्रियान्वयन का एक महत्वपूर्ण साधन है। गवर्नर की टिप्पणी इसी दृष्टिकोण को रेखांकित करती है और दर्शाती है कि संस्था अपने व्यापक आर्थिक उद्देश्यों के प्रति कितनी प्रतिबद्ध है।