LSN News › India

Politics · India Bureau

अमेरिकी दर बढ़ोतरी के बाद आरबीआई 2026 में 50 आधार अंकों की सख्ती कर सकता है

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि दिशा परिवर्तन ही महत्वपूर्ण है, न कि बढ़ोतरी का आकार। वे भारतीय रिजर्व बैंक से अक्टूबर और दिसंबर की नीति घोषणाओं में दरें बढ़ाने की उम्मीद जताते हैं।

LSN India · 17 September 2026

अमेरिकी दर बढ़ोतरी के बाद आरबीआई 2026 में 50 आधार अंकों की सख्ती कर सकता है

भारतीय अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अमेरिकी संघीय रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक 2026 में मौद्रिक नीति को और सख्त कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, आरबीआई को आने वाले महीनों में 50 आधार अंकों तक की बढ़ोतरी पर विचार करने की आवश्यकता हो सकती है।

अर्थशास्त्रियों की टिप्पणी में कहा गया है कि दर वृद्धि का आकार उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना कि नीति दिशा में परिवर्तन। यह बदलाव बाजार में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है, जो भविष्य की मौद्रिक नीति की दिशा को दर्शाता है।

विश्लेषकों का कहना है कि आरबीआई अक्टूबर और दिसंबर 2026 की नीति बैठकों में प्रत्येक 50 आधार अंकों की दरें बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर सकता है। यह कदम वैश्विक ब्याज दरों में बदलाव और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप होगा।

मुद्रास्फीति नियंत्रण और विनिमय दर स्थिरता बनाए रखने के लिए ऐसी नीतिगत कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्रीय बैंक के आने वाले निर्णय न केवल घरेलू अर्थव्यवस्था बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण होंगे।