Business · India Bureau
आरबीआई के नए नियमों से बैंक बोर्ड संरचना में बड़े बदलाव की संभावना
भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकिंग क्षेत्र के शासन ढांचे में सुधार की योजना बनाई है। अक्टूबर 2026 से स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति, उनकी जवाबदेही और पारिश्रमिक के मानदंडों पर फिर से विचार किया जा सकता है।
LSN India ·

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकिंग क्षेत्र में कॉर्पोरेट प्रशासन को मजबूत करने के लिए एक व्यापक सुधार योजना तैयार की है। इस नई व्यवस्था के तहत बैंकों के बोर्ड संचालन, रणनीति निर्माण और जोखिम प्रबंधन पर अधिक केंद्रित ध्यान दिया जाएगा। यह परिवर्तन 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।
आरबीआई की इस पहल के अंतर्गत स्वतंत्र निदेशकों की भूमिका और जिम्मेदारी में महत्वपूर्ण बदलाव आने वाले हैं। इन निदेशकों की नियुक्ति की प्रक्रिया, उन्हें दी जाने वाली जानकारी, और उनके कार्यों के प्रति जवाबदेही के मानदंडों की समीक्षा की जा रही है। साथ ही, उनके पारिश्रमिक संरचना में भी परिवर्तन की संभावना है।
यह नया ढांचा बैंकों की शासन व्यवस्था को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखता है। आरबीआई का विचार है कि बेहतर बोर्ड संरचना के माध्यम से बैंकिंग क्षेत्र में जोखिम प्रबंधन में सुधार हो सकता है। इस संदर्भ में बैंक अध्यक्षों और निदेशकों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।
इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुधार बैंकिंग क्षेत्र में स्वच्छता और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करेगा। नई व्यवस्था लागू होने से पहले बैंकों को अपनी आंतरिक व्यवस्था में आवश्यक समायोजन करने का अवसर मिलेगा।