LSN News › India

Politics · India Bureau

मुद्रास्फीति के दबाव में अक्टूबर में आरबीआई दरें 0.25% बढ़ा सकता है

विशेषज्ञों के सर्वेक्षण से संकेत मिलता है कि भारतीय रिजर्व बैंक अक्टूबर की मौद्रिक नीति में रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि कर सकता है। यह कदम बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के प्रयासों का हिस्सा हो सकता है।

LSN India · 15 October 2026

मुद्रास्फीति के दबाव में अक्टूबर में आरबीआई दरें 0.25% बढ़ा सकता है

आरबीआई द्वारा अक्टूबर की नीति समीक्षा में ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना है। विश्लेषकों और अर्थशास्त्रियों के एक सर्वेक्षण से पता चलता है कि मौद्रिक नीति समिति रेपो दर को 0.25 प्रतिशत बढ़ाने पर विचार कर सकती है। यह निर्णय घरेलू मुद्रास्फीति के मद्देनजर लिया जा सकता है।

केंद्रीय बैंक का यह संभावित कदम अर्थव्यवस्था में कीमतों के दबाव को नियंत्रित करने की कोशिश को दर्शाता है। दरों में वृद्धि से उधार लेना अधिक महंगा हो जाएगा, जिससे खपत और निवेश पर अंकुश लग सकता है।

पिछली बार आरबीआई ने फरवरी 2023 में रेपो दर में बदलाव किया था, जब इसे 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 6.50 प्रतिशत पर सेट किया गया था। तब से, केंद्रीय बैंक दरों को इसी स्तर पर बनाए हुए है। आगामी नीति निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि क्या आरबीआई महंगाई से निपटने के लिए अपना रुख सख्त करने जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति की स्थिति को देखते हुए आरबीआई की नीति के रुझानों पर करीब से नजर रखनी होगी। दरों की गति बैंकिंग क्षेत्र, उपभोक्ताओं और व्यवसायों को प्रभावित करेगी।