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रेपो दर बढ़ाते हुए आरबीआई तरलता सोखने पर रहेगा केंद्रित
रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया इस सप्ताह रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि की उम्मीद है जबकि बाजार में 10 ट्रिलियन रुपये की मूल तरलता अधिशेष बनी हुई है। आरबीआई की तरलता प्रबंधन रणनीति बाजार में नकदी को सोखने पर ध्यान केंद्रित रहेगी।
LSN India ·

भारतीय मौद्रिक नीति में नए मोड़ के बीच रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया अपनी दर वृद्धि चक्र शुरू करने की तैयारी कर रहा है। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक इसी सप्ताह रेपो दर को 25 आधार अंकों तक बढ़ाने का फैसला ले सकता है, जो मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था में लगभग 10 ट्रिलियन रुपये की मूल तरलता अधिशेष स्थिति में है। यह बड़ी नकदी राशि बाजार में तरलता को प्रभावित कर रही है और आरबीआई को अपनी मौद्रिक नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए चुनौती प्रस्तुत करती है।
इस परिदृश्य में, आरबीआई अपने तरलता अवशोषण संचालन को जारी रखने की संभावना जता रहा है। तरलता को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंक विभिन्न उपकरणों का उपयोग करता है, जिनमें रिवर्स रेपो ऑपरेशन और अन्य बाजार प्रबंधन तंत्र शामिल हैं।
मौद्रिक नीति समिति के आने वाले निर्णय बाजार और वित्तीय संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण होंगे। दर वृद्धि और तरलता प्रबंधन के इस संयोजन से भारतीय वित्तीय बाजारों में समायोजन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।