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चार साल बाद रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी की
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने अपनी बैठक में रेपो दर को 25 आधार अंकों से बढ़ाया है। इस कदम से कर्ज की किश्तें बढ़ने की संभावना है।
LSN India ·

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति ने पिछले चार वर्षों में पहली बार रेपो दर में इजाफा किया है। समिति की तीन दिवसीय बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक आयोजित की गई। इस निर्णय के तहत रेपो दर को 5.25 प्रतिशत से 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया गया है।
अगस्त माह में समिति ने रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा था। हालांकि, मुद्रास्फीति की स्थिति में सुधार के बीच नीतिगत समायोजन करने का निर्णय लिया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम मौद्रिक नीति को सामान्य करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस दर वृद्धि का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। बैंकों से लिए गए कर्जों की मासिक किश्तें बढ़ने की संभावना है। गृह ऋण, वाहन ऋण और व्यक्तिगत कर्ज लेने वाले उधारकर्ताओं को अधिक ब्याज देना पड़ सकता है।
रेपो दर बैंकिंग प्रणाली का एक महत्वपूर्ण उपकरण है जिसके माध्यम से रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को धन उधार देता है। इस दर में परिवर्तन से बाजार में सार्वजनिक ऋण की उपलब्धता और मूल्य निर्धारण प्रभावित होता है।