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RBI की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दर 5.5% पर बढ़ाई
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने अपनी अक्टूबर बैठक में रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर निर्धारित किया। समिति ने अपना रुख 'तटस्थ' से बदलकर 'अंशांकित कसाव' की ओर स्थानांतरित किया है।
LSN India ·

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति ने 5 से 7 अक्टूबर के बीच आयोजित अपनी बैठक में मुख्य नीतिगत दर को 5.5 प्रतिशत पर निर्धारित रखने का निर्णय लिया। यह फैसला समिति के रुख में एक महत्वपूर्ण बदलाव के साथ आया है।
आरबीआई के निर्णय का सबसे उल्लेखनीय पहलू इसके नीतिगत रुख में परिवर्तन है। समिति ने अपने पूर्ववर्ती 'तटस्थ' रुख को त्यागते हुए 'अंशांकित कसाव' की दिशा अपनाई है। यह बदलाव केंद्रीय बैंक के आने वाले महीनों में मौद्रिक नीति को और सख्त करने की तैयारी का संकेत देता है।
नीति समिति का यह कदम महंगाई नियंत्रण और आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाने की आरबीआई की रणनीति को दर्शाता है। अंशांकित कसाव का मतलब है कि केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था की परिस्थितियों के अनुसार सावधानीपूर्वक अपनी नीति को कसता रहेगा।
यह निर्णय वैश्विक बाजारों में मौद्रिक नीति के रुझानों और भारतीय अर्थव्यवस्था की संभावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है। आने वाले समय में बाजार और अर्थशास्त्री इस नीतिगत दिशा के प्रभावों को देखेंगे।