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रेपो दर बढ़ोतरी से उधार खर्च बढ़ेगा, पर रियल एस्टेट मांग रहेगी मजबूत
भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को रेपो दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की, जिससे गृह ऋण पर ब्याज दरें बढ़ेंगी। पश्चिम बंगाल के रियल एस्टेट कंपनियों का कहना है कि इससे दीर्घकालीन मांग प्रभावित नहीं होगी।
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बुधवार को अपनी बेंचमार्क रेपो दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया। यह लगभग चार साल में रिजर्व बैंक की पहली दर बढ़ोतरी है। इससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा दिए जाने वाले गृह और निर्माण ऋण पर ब्याज दरें बढ़ेंगी।
पश्चिम बंगाल के रियल एस्टेट निर्माताओं के संगठन क्रेडाई के अध्यक्ष सुशील मोहता ने कहा कि इस बढ़ोतरी से रियल एस्टेट क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। मोहता ने बताया कि तीन साल बाद रेपो दर में यह बढ़ोतरी हुई है, जिससे आवास और निर्माण ऋण पर ब्याज दरें बढ़ेंगी।
हालांकि, प्राइमर्क प्रोजेक्ट्स के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ पांसारी का मानना है कि यह बढ़ोतरी गृह ऋण को मामूली रूप से महंगा बना सकती है, लेकिन असली खरीदारों पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ेगा। कोलकाता में लोग लंबी अवधि के लिए घर खरीद रहे हैं और उनके निर्णय सही स्थान, बेहतर गुणवत्ता और जीवनशैली जैसे कारकों से प्रेरित हो रहे हैं।
इंडस्ट्री विशेषज्ञों का अनुमान है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में रियल एस्टेट की बुनियादी मांग बनी रहेगी, भले ही कुछ संवेदनशील खरीदार ऋण लागत में बढ़ोतरी के कारण अपने खरीद निर्णय में देरी कर सकते हैं।