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RBI दर वृद्धि: बैंकों में मतभेद, आगे की रणनीति पर अनिश्चितता
भारतीय रिजर्व बैंक की नीति के संदर्भ में वैश्विक वित्तीय संस्थानों के बीच दरों में आगे की बढ़ोतरी को लेकर मतैक्य नहीं है। जहां कुछ बैंक आक्रामक दृष्टिकोण अपना रहे हैं, वहीं अन्य संयमित रुख अपनाने का सुझाव दे रहे हैं।
LSN India ·
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के आगे के रुझानों को लेकर प्रमुख वैश्विक बैंकों की राय में महत्वपूर्ण भिन्नता सामने आई है। बैंक ऑफ अमेरिका ने यह माना है कि RBI 100 आधार बिंदु की अतिरिक्त दर वृद्धि कर सकता है, जो एक आक्रामक मौद्रिक नीति का संकेत देता है।
इसके विपरीत, गोल्डमैन सैक्स, सिटीबैंक और कोटक जैसी संस्थाएं एक सीमित दर चक्र की ओर इशारा कर रही हैं। इन विश्लेषकों का मानना है कि RBI की नीति में बदलाव अब तक जितना तेजी से दरें बढ़ाई गई हैं, उसके बाद अधिक सावधानीपूर्ण रुख अपनाने की ओर झुकाव दिखा रहा है।
HSBC ने एक कम आक्रामक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। इस संस्था का तर्क है कि RBI के हालिया रवैये से संकेत मिलता है कि यह मामूली दर वृद्धि तक सीमित रहना चाहते हैं, न कि गहन सख्तीकरण चक्र में प्रवेश करना चाहते हैं।
यह मतभेद भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति, मुद्रास्फीति के दबाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के संदर्भ में बैंकों के अलग-अलग मूल्यांकन को दर्शाता है। आने वाले सप्ताहों में RBI की कार्रवाई इन विभिन्न पूर्वानुमानों की प्रामाणिकता को परखने का अवसर प्रदान करेगी।