LSN News › India

Politics · India Bureau

RBI के 2.5 ट्रिलियन रुपये इंजेक्शन से मिली-जुली संकेत: SBI रिसर्च

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 2.5 ट्रिलियन रुपये की तरलता में वृद्धि मौद्रिक नीति को कड़ा करने के उद्देश्यों के साथ विरोधाभासी संकेत दे रही है। SBI रिसर्च के अनुसार यह नीतिगत संचरण को जटिल बना सकता है।

LSN India · 23 October 2026

RBI के 2.5 ट्रिलियन रुपये इंजेक्शन से मिली-जुली संकेत: SBI रिसर्च

भारतीय स्टेट बैंक की अनुसंधान विभाग ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक की 2.5 ट्रिलियन रुपये की तरलता इंजेक्शन योजना अर्थव्यवस्था में मिश्रित संकेत भेज रही है। RBI मुद्रास्फीति नियंत्रित करने के लिए सख्त मौद्रिक नीति अपना रहा है, लेकिन एक साथ तरलता में भारी वृद्धि करना इन दोनों प्रयासों को परस्पर विरोधी बना रहा है।

SBI रिसर्च के विश्लेषण में कहा गया है कि यह विरोधाभासी नीति रुख मौद्रिक नीति के प्रभावी संचरण को बाधित कर सकता है। जब RBI एक ओर ब्याज दरों को बढ़ाने का संकेत दे रहा है, तो दूसरी ओर बड़ी मात्रा में नकदी बाजार में छोड़ना ब्याज दरों के दबाव को कम करता है। इससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए RBI की नीतिगत इरादे को समझना और लागू करना मुश्किल हो जाता है।

तरलता प्रबंधन और मौद्रिक सख्ती के बीच यह संतुलन बनाना RBI के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में इन नीतियों के वास्तविक प्रभावों की गहन निगरानी की जरूरत होगी।