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भारतीय रुपये पर नियंत्रण के बाद डॉलर हेजिंग में गिरावट
भारतीय रिज़र्व बैंक की सख्त कार्रवाई के चलते अक्टूबर में फॉरवर्ड डॉलर खरीद में भारी गिरावट दर्ज की गई। कंपनियों की डॉलर खरीद की प्रतिबद्धता पिछले महीने के रिकॉर्ड स्तर से 35 प्रतिशत घटकर 49.5 अरब डॉलर रह गई।
LSN India ·

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा रुपये के मूल्य पर दांव लगाने की गतिविधियों पर लगाई गई पाबंदियों के कारण भारत में डॉलर हेजिंग आठ महीने के निम्नतम स्तर पर पहुंच गई है। अक्टूबर माह में कंपनियों द्वारा भविष्य में डॉलर खरीदने की प्रतिबद्धता में उल्लेखनीय कमी आई है।
फॉरवर्ड डॉलर खरीद सितंबर में अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर थी, जब इसका आंकड़ा 49.5 अरब डॉलर से अधिक था। अक्टूबर में यह आंकड़ा पिछले महीने की तुलना में 35 प्रतिशत घटकर 49.5 अरब डॉलर पर आ गया। यह गिरावट आरबीआई की विदेशी मुद्रा बाजार में बढ़ती कार्रवाई का सीधा परिणाम माना जा रहा है।
रिज़र्व बैंक ने रुपये की मजबूती को बनाए रखने के लिए व्यावसायिक क्षेत्र में डॉलर के विरुद्ध अटकलों और जोखिम भरे दांवों पर नियंत्रण करने की नीति अपनाई है। इस कदम का असर कॉर्पोरेट जगत की डॉलर हेजिंग रणनीति पर सीधे तौर पर पड़ा है।
विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय कंपनियां अब अपनी विदेशी मुद्रा संबंधी आवश्यकताओं के लिए अधिक सावधानीपूर्वक दृष्टिकोण अपना रही हैं। रिज़र्व बैंक की कड़ी निगरानी के बीच, कंपनियां केवल अपनी वास्तविक व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप ही हेजिंग कर रही हैं।