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रुपये के दबाव को कम करने के लिए RBI गैर-जरूरी विदेशी निवेश पर लगाम लगाए: SBI रिसर्च
भारतीय स्टेट बैंक की शोध टीम ने भूमंडलीय अनिश्चितताओं के बीच रुपये पर बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक से विदेशी मुद्रा प्रेषण और विदेशी निवेश पर सख्त नियंत्रण लगाने का आह्वान किया है।
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भारतीय स्टेट बैंक की शोध विभाग ने रुपये की कमजोरी से निपटने के लिए केंद्रीय बैंक को गैर-आवश्यक विदेशी मुद्रा प्रवाह को नियंत्रित करने की सलाह दी है। SBI रिसर्च का मानना है कि विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को देखते हुए RBI को अनिवार्य विदेशी निवेश (ODI) पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए।
वर्तमान वैश्विक अनिश्चितता और बाहरी आर्थिक चुनौतियों के संदर्भ में यह सुझाव दिया गया है। बैंकिंग सेक्टर के शीर्ष संस्थान का तर्क है कि गैर-जरूरी भुगतानों पर नियंत्रण विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित रखने में मदद कर सकता है।
SBI रिसर्च के विश्लेषण के अनुसार, विदेशों को भेजे जाने वाले निवेश और विभिन्न प्रकार के प्रेषण में समीक्षा की आवश्यकता है। यह कदम रुपये को स्थिर रखने और भारतीय अर्थव्यवस्था की बाहरी स्थिरता को मजबूत करने में सहायक हो सकता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक को इस संबंध में नीतिगत निर्णय लेना होगा, जबकि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वैध व्यावसायिक प्रवाह में बाधा न आए। विशेषज्ञों का मानना है कि सूक्ष्म विनियमन से रुपये के मूल्य में स्थिरता लाने में मदद मिल सकती है।