Politics · India Bureau
रुपये में गिरावट के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी निवेश पर कड़ी निगरानी शुरू की
भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रमुख बैंकों को एक मानकीकृत चेकलिस्ट जारी की है जिसमें एक अरब डॉलर से अधिक के विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की विस्तृत जानकारी देनी होगी। यह कदम रुपये के मूल्य में आई गिरावट के बीच पूंजी प्रवाह पर नियंत्रण के प्रयास का हिस्सा है।
LSN India ·

भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले सप्ताह देश के प्रमुख बैंकों को एक व्यापक दिशानिर्देश जारी किया है जिसमें बड़े विदेशी निवेश पर विस्तृत जानकारी मांगी गई है। इस चेकलिस्ट के तहत एक अरब डॉलर से अधिक की राशि के विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के संबंध में विस्तृत विवरण प्रदान करना अनिवार्य होगा।
रुपये के मूल्य में हाल के दिनों में आई गिरावट को देखते हुए रिजर्व बैंक यह कदम उठा रहा है। विदेशों में बड़े पैमाने पर पूंजी का प्रवाह देश की मुद्रा पर दबाव डालता है, जिससे रुपये की कमजोरी बढ़ती है। यह निगरानी तंत्र ऐसे निवेश प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद करेगा।
रिजर्व बैंक की ओर से जारी मानकीकृत चेकलिस्ट में निवेश के उद्देश्य, धन के स्रोत, निवेश की समयावधि और अन्य प्रासंगिक जानकारी शामिल है। इससे बैंकों को विदेशी निवेश संबंधी लेनदेन का विस्तृत रिकॉर्ड रखना होगा और इसे नियामक को समय पर सूचित करना होगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम विदेशी निवेश के प्रवाह को बेहतर तरीके से ट्रैक करने और देश की विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। रिजर्व बैंक इस तरह की निगरानी के माध्यम से पूंजी खाते पर नियंत्रण रखना चाहता है।