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डीमैट खाताधारकों को मिलेगा बैंक जमा का एकीकृत विवरण
भारतीय रिजर्व बैंक ने घोषणा की है कि कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट में बैंक डिपॉजिट जोड़े जाएंगे। यह सुविधा 1 जनवरी से शुरू होगी और निवेशकों को अपने सभी वित्तीय खातों का एक ही जगह विवरण देगी।
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डीमैट खाताधारकों के लिए वित्तीय जानकारी को एकत्रित करने की प्रक्रिया अब अधिक सरल हो जाएगी। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक जमा राशि को कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट (सीएएस) प्लेटफॉर्म में शामिल करने की योजना बनाई है, जिससे निवेशक अपने सभी निवेशों और बैंक खातों का विवरण एक ही स्थान से प्राप्त कर सकेंगे।
यह नई सुविधा 1 जनवरी से लागू होगी और देश भर के डीमैट खाता धारकों को लाभान्वित करेगी। कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट सेवा एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो निवेशकों के विभिन्न वित्तीय खातों की जानकारी को एक ही रिपोर्ट में प्रदर्शित करता है।
आरबीआई की इस पहल का उद्देश्य खातों के बीच अंतरसंचालनीयता (इंटरऑपरेबिलिटी) को बढ़ाना भी है। विभिन्न खाता एकत्रीकरण सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय से निवेशकों को अपनी संपूर्ण वित्तीय स्थिति पर नियंत्रण मिलेगा।
इस कदम से वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी और निवेशकों को अपने सभी डीमैट खातों, बैंक खातों और निवेशों के विवरण को आसानी से ट्रैक करने में मदद मिलेगी। विभिन्न अकाउंट एग्रीगेटर्स के बीच सहयोग इस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाएगा।