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भारतीय रिजर्व बैंक 26 दिन की नीलामी के जरिए 5 ट्रिलियन रुपये सोखेगा
भारतीय रिजर्व बैंक बैंकिंग व्यवस्था की अतिरिक्त तरलता को अवशोषित करने के लिए शुक्रवार को 26 दिनों की परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो नीलामी का आयोजन करेगा। नीलामी में लगाई गई राशि 7 अक्टूबर को वापस की जाएगी।
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भारतीय रिजर्व बैंक बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ी हुई तरलता को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। केंद्रीय बैंक शुक्रवार को 26 दिनों की अवधि के लिए परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (वीआरआरआर) नीलामी का आयोजन करेगा, जिसके माध्यम से लगभग 5 ट्रिलियन रुपये की तरलता बाजार से सोखी जाएगी।
रिवर्स रेपो नीलामी एक मौद्रिक नीति उपकरण है जिसका उपयोग बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी को अवशोषित करने के लिए किया जाता है। इस व्यवस्था के तहत बैंक अपनी अतिरिक्त राशि रिजर्व बैंक के पास जमा करते हैं और उस पर ब्याज अर्जित करते हैं।
रिजर्व बैंक द्वारा संचालित यह नीलामी 7 अक्टूबर को समाप्त होगी, जब बैंकों को उनकी जमा राशि सहित ब्याज वापस किया जाएगा। यह कदम वर्तमान मौद्रिक परिस्थितियों में तरलता प्रबंधन को सुचारु रखने के लिए उठाया जा रहा है।
बैंकिंग प्रणाली में तरलता का सटीक स्तर बनाए रखना अर्थव्यवस्था में ब्याज दरों और ऋण प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण है। रिजर्व बैंक समय-समय पर ऐसे ऑपरेशन करता है ताकि वित्तीय बाजार स्थिर रहे और मुद्रास्फीति पर नियंत्रण बना रहे।