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आरकॉम RP ने स्पेक्ट्रम फैसले को चुनौती देते हुए सुधारात्मक याचिका दायर की
रिलायंस कम्युनिकेशंस के समाधान पेशेवर ने सुप्रीम कोर्ट के फरवरी के फैसले को वापस लेने की मांग की है, जिसमें स्पेक्ट्रम को दिवाला प्रक्रिया से बाहर रखा गया था। याचिकाकर्ता का तर्क है कि यह निर्णय ऋणदाताओं को अपूरणीय नुकसान पहुंचा रहा है।
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आरकॉम के समाधान पेशेवर अनीश नानवटी ने सुप्रीम कोर्ट में एक सुधारात्मक याचिका दायर की है, जिसमें फरवरी माह में दिए गए उस महत्वपूर्ण निर्णय को चुनौती दी गई है जो स्पेक्ट्रम को दिवाला संहिता (आईबीसी) की कार्यवाही के दायरे से बाहर रखता है। नानवटी के अनुसार, यह फैसला कंपनी के लेनदारों के लिए गंभीर और स्थायी नुकसान का कारण बन रहा है।
सुधारात्मक याचिका में तर्क दिया गया है कि स्पेक्ट्रम को पुनर्गठन प्रक्रिया से बाहर रखने का निर्णय आर्थिक रूप से अव्यावहारिक है और इससे ऋणदाताओं को अपनी बकाया राशि की वसूली में बाधा आ रही है। समाधान पेशेवर का मानना है कि इस निर्णय को पुनर्विचार की आवश्यकता है।
यह कदम दिवाला प्रक्रिया के अंतर्गत कंपनी की संपत्ति के सर्वोत्तम उपयोग को लेकर चल रहे कानूनी विवाद का एक नया अध्याय है। स्पेक्ट्रम एक महत्वपूर्ण परिसंपत्ति माना जाता है और इसके समावेश से कंपनी के पुनर्वास की संभावनाएं प्रभावित होती हैं।
आरकॉम की दिवाला प्रक्रिया एक जटिल मामला रही है, जिसमें बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के हित जुड़े हुए हैं। स्पेक्ट्रम से संबंधित कानूनी सवाल दिवाला प्रक्रिया के परिणाम को निर्धारित करने वाला एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।