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डेटा सेंटरों के नुकसान पर गोलमेज चर्चा का आयोजन
तकनीकी विशेषज्ञ और नीति निर्माताओं ने डेटा सेंटरों से होने वाले पर्यावरणीय और आर्थिक नुकसान पर विचार-विमर्श किया। गोलमेज सम्मेलन में क्षेत्रीय विकास और सतत भविष्य के मुद्दों पर केंद्रित चर्चा हुई।
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डेटा सेंटर प्रौद्योगिकी के तेजी से विस्तार के बीच इसके नकारात्मक प्रभावों को लेकर एक महत्वपूर्ण गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस चर्चा में शामिल प्रतिभागियों ने डेटा सेंटरों की बढ़ती संख्या से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया।
सम्मेलन में ऊर्जा खपत, जल संसाधनों के उपयोग और कार्बन उत्सर्जन जैसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मुद्दों को उजागर किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर संचालन स्थानीय बिजली ग्रिड पर दबाव डालते हैं और पानी की कमी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त चुनौतियां पैदा करते हैं।
प्रतिभागियों ने डेटा सेंटरों के विकास और सतत विकास लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। चर्चा में नीति निर्माताओं को अधिक कड़े पर्यावरणीय मानदंड तय करने और डिजिटल अवसंरचना में हरित प्रौद्योगिकी को अपनाने का आह्वान किया गया।
प्रतिभागियों का मत है कि सरकार, उद्योग और पर्यावरण संरक्षकों के बीच सहयोगी दृष्टिकोण अपनाकर डेटा सेंटरों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। सम्मेलन के निष्कर्षों को संबंधित नियामक निकायों को प्रस्तुत किए जाने की प्रत्याशा है।