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RoDTEP और DFIA में नियामकीय असमानता निर्यातकों के लिए समस्या खड़ी कर रही है

सीमा शुल्क विभाग द्वारा DFIA निर्यातकों से RoDTEP क्रेडिट की वापसी की मांग से नीति कार्यान्वयन में गंभीर विसंगति उजागर हुई है। विशेषज्ञ इस मुद्दे का समाधान करने के लिए पूर्वव्यापी स्पष्टीकरण की जरूरत बता रहे हैं।

LSN India · 23 August 2026

RoDTEP और DFIA में नियामकीय असमानता निर्यातकों के लिए समस्या खड़ी कर रही है

विदेश व्यापार नीति (FTP) और सीमा शुल्क नियमों के बीच उठी असमानता निर्यात क्षेत्र में गंभीर चिंता का विषय बन गई है। रोडटेप (Rebate of Duties and Taxes on Export Products) योजना के तहत प्राप्त क्रेडिट को लेकर सीमा शुल्क विभाग का रुख DFIA (Duty Free Import Authorization) निर्यातकों को असंगत नीति का सामना करने के लिए विवश कर रहा है।

व्यापार पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह स्थिति उन निर्यातकों के लिए विशेष रूप से जटिल है जो इन दोनों योजनाओं का लाभ उठाते हैं। सीमा शुल्क प्राधिकार द्वारा की जा रही RoDTEP क्रेडिट की वापसी की मांग निर्यातकों की वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर रही है और उनके द्वारा किए गए निवेश निर्णयों को जोखिम में डाल रही है।

इस विनियामक विसंगति को दूर करने के लिए सरकारी एजेंसियों को आपस में समन्वय की आवश्यकता है। नीति निर्माताओं से आह्वान किया जा रहा है कि वे इस मामले में पूर्वव्यापी स्पष्टीकरण जारी करें ताकि निर्यातकों को कानूनी अनिश्चितता से बचाया जा सके।

व्यापार समुदाय का मानना है कि FTP और सीमा शुल्क विभाग के बीच नीतिगत समन्वय की कमी भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा क्षमता को कमजोर कर सकती है। इस मुद्दे का तुरंत समाधान न होने से निर्यात व्यवसाय में और जटिलताएं बढ़ने की आशंका है।