Business · India Bureau
रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूसरी तिमाही: क्या केमिकल्स विभाग को कमजोर पड़ेगा?
रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी दूसरी तिमाही के नतीजों की ओर बढ़ रहा है, जहां तेल-गैस खोज व्यवसाय मंद रहने का अनुमान है। इबिटडा 4,973 करोड़ रुपये पर पिछली तिमाही के समान स्तर पर रहने की उम्मीद है।
LSN India ·

रिलायंस इंडस्ट्रीज की आने वाली तिमाही परिणामों में इसके तेल व गैस खोज विभाग से सीमित वृद्धि की संभावना है। इस खंड का इबिटडा पिछली तिमाही के 4,973 करोड़ रुपये के स्तर पर ही रहने का अनुमान है, जो साफ संकेत है कि इस महत्वपूर्ण व्यवसायिक क्षेत्र में कोई गतिविधि नहीं है।
हालांकि, कंपनी के ऑर्गनोकेमिकल्स और पॉलिमर्स (ओ2सी) विभाग की मजबूत कार्यप्रदर्शन से इस कमजोरी को संतुलित करने की संभावना है। इस विभाग में मार्जिन और मांग दोनों के मोर्चे पर सकारात्मक रुझान देखे जा रहे हैं।
दूसरी ओर, खुदरा (रिटेल) व्यवसाय पर बाजार की अनिश्चितताओं का असर पड़ना जारी है। इस विभाग का प्रदर्शन निराशाजनक बना हुआ है, जो कंपनी के समग्र वित्तीय परिणामों पर दबाव बना रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि दूसरी तिमाही में समग्र लाभप्रदता में मिश्रित दृश्य दिखाई देगा। केमिकल्स व्यवसाय से मजबूत आय वृद्धि के बावजूद, पारंपरिक तेल-गैस खोज और खुदरा खंड से निराशा रिलायंस के परिणामों को प्रभावित कर सकती है। आने वाले हफ्तों में कंपनी के विस्तृत वित्तीय विवरण बाजार को अधिक स्पष्टता प्रदान करेंगे।