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मथुरा में अनिरुद्धाचार्य ने जीवन के प्रति अपना दृष्टिकोण साझा किया

प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने मथुरा में आयोजित एक प्रमुख सत्र में जीवन-मृत्यु और नश्वरता के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान उन्होंने श्मशान को लेकर एक विशेष बयान दिया जो जीवन दर्शन से संबंधित है।

LSN India · 3 September 2026

मथुरा में अनिरुद्धाचार्य ने जीवन के प्रति अपना दृष्टिकोण साझा किया

मथुरा में 'पंचायत आजतक' के मंच पर आयोजित एक चर्चा सत्र में प्रसिद्ध धार्मिक प्रवचनकार अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। आजतक की एंकर और सेशन की मॉडरेटर श्वेता सिंह ने उनसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल उठाए।

इसी क्रम में अनिरुद्धाचार्य ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि श्मशान (अंतिम संस्कार स्थल) को भी आते-जाते रहना चाहिए। उनका यह कथन जीवन की नश्वरता और मानव अस्तित्व की क्षणिकता को दर्शाता प्रतीत होता है।

धार्मिक प्रवचनकार का यह बयान मनुष्य को जीवन के वास्तविक सत्य के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करता है। उनके अनुसार, आम जनता को अपनी नश्वरता को स्वीकार करते हुए जीवन जीना चाहिए।

यह सत्र मथुरा में आयोजित एक बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा था जहां विभिन्न सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।