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कोटा के जीव उद्यान की बाघिन महक 22 साल की उम्र में भी सक्रिय
अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क की बाघिन महक ने 22 साल की उम्र पूरी कर ली है, जबकि आमतौर पर बाघिनें इस आयु में काफी कमजोर हो जाती हैं। उचित देखभाल और स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण महक आज भी सक्रिय और स्वस्थ दिख रही है।
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कोटा स्थित अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क की बाघिन महक ने 22 वर्ष की उम्र पूरी कर चुकी है और अब 23वें वर्ष में प्रवेश कर गई है। यह उपलब्धि वन्यजीव संरक्षण और पशु कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, बाघिनें आमतौर पर 16 से 18 साल की आयु तक काफी बूढ़ी हो जाती हैं। हालांकि, महक का मामला भिन्न है। पार्क में दी जाने वाली उचित पोषण, चिकित्सा सुविधाओं और व्यक्तिगत ध्यान के कारण महक अपनी प्रभावशाली उम्र में भी काफी सक्रिय रहती है। बताया जाता है कि वह नियमित रूप से अपने एनक्लोजर में पानी में खेलती है और अपना भोजन स्वस्थ भूख के साथ करती है।
महक की लंबी और स्वस्थ जीवन यात्रा कैद में रहने वाली बाघों की सही देखभाल और वन्यजीव संरक्षण के महत्व को रेखांकित करती है। अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क का यह अनुभव भारत के अन्य वन्यजीव अभयारण्यों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करता है।